Category Archives: Poems

वीर बाला – एक शहीद की याद

पूजा चौहान द्वारा लिखी एक कविता स्त्री हर युग में शक्ति पुंज थी। जब मातृभूमि की रक्षा करते हुए वो वीर सैनिक अपना सर्वोच्च बलिदान देकर अमर हो जाता है उस समय भी ये शक्ति अपने आप को ज्योतिर्मय करके सम्पूर्ण जीवन उन सुंदर पलों के साथ व्यतीत कर देती है जो अब उसकी जमा पूँजी हैं और हर क्षण

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परिंदे कब पिंजरे में हैं रहते

शैली कपिल कालरा द्वारा लिखी कविता देखा है परिंदों कोपिंजरों में कैद होते हुएआसमान को देखतेऔर रुकसत होते हुए पिंजरे तो अक्सर हम हैं बनातेउम्मीद के पर भी ….हम हैं काटतेफिर दोष है कैसेसृष्टि का या क्रमों का परिंदे हैंउड़ान भरने के लिएना कल रुकेना रुकेंगे आज छूने आए आसमानछूकर ही जाएँगे परिंदे कब पिंजरे में हैं रहतेआज हैं अगरकल

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Mumbaikar’s plight !!

A poem by Shilpa Nadkarni A poor man walking through up and down the streets,.. Rushing up high and low to reach his workplace on time, He saves money and on roadside eats his “treats” And struggles to get back home in the evening time Struggling through the traffic, puddles and tolls… Mumbaikar’s pockets are full of holes paying big

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वो कल ही की तो बात थी — लेखिका प्रेरणा

वो कल ही की तो बात थी जब माँ तू मेरे साथ थी,
डाटती धमकाती तो क्या,  तेरे साये की तो आस थी ,
आज तो रह गई मैं अकेली, मगर खुश हूँ,
 कुछ पल के लिए, तो तू मेरे साथ थी ,
वो कल ही की तो बात थी जब माँ तू मेरे साथ थी.

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