परिंदे कब पिंजरे में हैं रहते

शैली कपिल कालरा द्वारा लिखी कविता देखा है परिंदों कोपिंजरों में कैद होते हुएआसमान को देखतेऔर रुकसत होते हुए पिंजरे तो अक्सर हम हैं बनातेउम्मीद के पर भी ….हम हैं … Read More

घरों में कमरे कमरों में घर

शैली कालरा की लिखित कविता वो जमाने थे जब घरों में कमरे सहूलियत के लिये बनते कभी हम खुद कभी चीज़ों को रख दिया करते कमरों में नहींघरों में थे हम रहते। हुआ करते … Read More

कोमल नेहा

प्रेरणा मेहरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित। एक गायिका के लिए कवयित्री के भाव। कोमल की कोमल सी आवाज़ को सुन,ये दिल भी, मेरा ख़ुशी से झूम जाता है। उनका गायन, उनके … Read More

आनंद प्रकाश शर्मा जी.

प्रेरणा मेहरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित। एक कवि के लिए एक कवयित्री के भाव … वो जो कविता की भावनाओं के ज़रिये,एक सलीके से अपनी बात परोसते है। साधारण से लेकर गंभीर … Read More

ज्ञानी की पहचान सूरत से नहीं सीरत से होती है.

प्रेरणा मेहरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित। साधारण से लोग भी साधारण तरीके से असाधारण काम कर जाते है आज ये लेख उन्ही सब लोगो के लिए समर्पित है जिन्होंने साधारण सा … Read More

National PanchayatiRaj Day

प्रेरणा महरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित. उम्मीदो की जब पंचायत बैठी,वास्तिविकता, सर झुका कर,धीरे से अपनी बात कह बैठी। मैं अकेली सबकी उम्मीदो पर,खरा कैसे उतर पाऊँगी?जो एक की मानी,तो दूजे … Read More

Happy Book Day

प्रेरणा महरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित. किताब ही दोस्त बनकर,हमे सही राह दिखाती है।हमारी खामियों का एहसास,बिना बोले, वो हमे कराती है। किताबो के उन तमाम पन्नो ने ही तो,हमे बहुत … Read More

Happy Earth Day

प्रेरणा महरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित. संसाधनों से भरपूर है हमारी धरती माता,कोई बरसाता अपनी करुणा इन पर,तो कोई ज़रा भी, इनकी पीड़ा, समझ नहीं पाता। अरबो जीवो को मिलता इनकी … Read More