राजरानी रणचंडी भवानी महारानी ताराबाई भोसले

पूजा चौहान का लेख

हमारे देश के इतिहास में जब भी किसी बहादुर महिला का नाम लिया जाता है तो हमें सबसे पहले रानी लक्ष्मीबाई की याद आती है पर भारत के इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में ना जाने कितनी ही वीरांगना हुई हैं जिन्होंने अपने अदम्य साहस और बुद्धिमत्ता से इस देश को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिलाया है। उन्ही बहादुर वीरांगनाओं में एक नाम है ‘राजरानी ताराबाई भोसले‘।

राजरानी ताराबाई भोसले महाराज छत्रपति शिवाजी की छोटे बेटे राजाराम महाराज की पत्नी थी। मराठा सेना के सेनापति हंबीरराव मोहिते की पुत्री रानी ताराबाई बहुत ही उत्साही व बहादुर महिला थी।

1680 में जब छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्यु हो गई, औरंगजेब बहुत ही प्रसन्न हुआ कि अब उसे दक्षिण में आसानी से अपना आधिपत्य प्राप्त हो जाएगा। उसने 1686-1687 में बीजापुर के गोलकुंडा पर कब्जा कर लिया और 1689 में धोखे से संभाजी महाराज को पकड़कर उनकी हत्या कर दी।

सन 1700 में छत्रपति राजाराम की मृत्यु के बाद रानी ताराबाई ने अपने पुत्र शिवाजी दित्तीय को राजा घोषित कर उसके नाम से राज्य कार्य करना शुरू कर दिया।

यह वो समय था जब औरंगजेब मराठों को कमजोर समझ उन पर बार बार आक्रमण कर रहा था। मराठा साम्राज्य को कुशल नेतृत्व की आवश्यकता थी और उस समय महारानी ताराबाई ने मराठा साम्राज्य की बागडोर अपने हाथों में ले ली।

मुगल शासक औरंगजेब के सपनों को ध्वस्त करती हुई रानी ताराबाई ने सभी मराठा सरदारों को अपनी सूझबूझ तथा साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाते हुए उन सभी को एकत्र किया और अपने राज्य को मजबूती प्रदान की।

अगले कुछ वर्षों में रानी ताराबाई ने शक्तिशाली बादशाह औरंगजेब के खिलाफ युद्ध जारी रखा और अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देते हुए धीरे-धीरे अपनी सेना व जनता में भी अपने प्रति अटूट विश्वास अर्जित कर लिया।

अपनी युद्ध नीति और युद्ध कौशल से वह लगातार औरंगजेब को परास्त करती रही। मराठाओ पर राज्य स्थापित करने की कसक लिए 1707 में औरंगजेब की मृत्यु हो गई।

दिसंबर 1761 में ताराबाई का भी निधन हो गया। जिस तरह से उन्होंने 7 वर्षों तक औरंगजेब से लड़ाई लड़ी यह उनकी दूरदर्शिता और महानता को दर्शाता है।

इस तरह इस वीरांगना ने अपने अदम्य साहस और सूझबूझ से इस देश के मान सम्मान को सर्वोच्च रखा और उस समय के मुगल बादशाह औरंगजेब को परास्त कर अपने देश का सम्मान व गौरव अक्षुण्ण रखा।

2 comments

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s