गुजरात में शेरों की जनसंख्या में 29% की वृद्धि हुई

प्रेरणा मेहरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित, मीता कपूर की जानकारी पर आधारित।

अहमदाबाद: ऐसे वक़्त में जब हर जीव का जीवन संकट में है, तब गुजरात में एशियाई शेर की संख्या बड़ी हैं। शीर्ष सूत्रों ने कहा कि हाल ही में पूनम एवलोकन ’या फुल-मून नाइट में देखा गया कि गुजरात में कोविद-19 महामारी के कारण लायन सेंसस 2020 का आकड़ा बदला है और उनकी आबादी में 29% की वृद्धि हुई है।

काउंटिंग एक्सरसाइज के बारे में सूत्रों ने कहा कि 5-6 जून को वन विभाग द्वारा किया गया अवलोकन बताता है कि राज्य अब 674 शेरों का घर है, मई 2015 में हुई जनगणना में 523 शेरों की गिनती में नए 151 शेरों का उदय हुआ। आधिकारिक आकड़ो की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।

शेरों की वितरण सीमा भी 30,000 वर्ग किलो मीटर तक बढ़ गई है, 2015 में 22,000 वर्ग किलो मीटर की तुलना में 36% की वृद्धि हुई। अधिकारियों ने कहा कि 2001 की तुलना में शेरों की आबादी दोगुनी हो गई है जबकि इनके पैरों के निशान 400% तक बढ़ गए हैं।

वन और पर्यावरण के मुख्य सचिव राजीव गुप्ता, को जब संपर्क किया गया तब उन्होंने शेरों की सटीक संख्या को प्रकट करने से इनकार कर दिया, लेकिन संकेत दिया कि शेरो की संख्या में वृद्धि वास्तव में हुई है।

गुप्ता ने कहा, “राज्य सरकार द्वारा केंद्र के समर्थन से प्रभावी संरक्षण और प्रबंधन के प्रयासों के कारण शेरों की आबादी में स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गई है।” उन्होंने कहा कि वन विभाग ने 2018 में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) के प्रकोप पर सफलतापूर्वक अंकुश लगाया है।

सीडीवी के उपचार के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका से बड़ी संख्या में टीके लाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वयं हस्तक्षेप किया था। सूत्रों के अनुसार अफ्रीका के विपरीत, जहां 90% आबादी का प्रकोप खत्म हो गया था, सीडीवी के कारण गुजरात में 36 शेरों की मौत तक सीमित रहा। 1968 के बाद से, जब 177 शेरों की गिनती की गई, तो आंकड़े लगातार बढ़े हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया है कि अतीत में भी गुजरात में शेरों की आबादी में अच्छी खासी वृद्धि हुईहै और कई लोग अनुमान लगा रहे हैं कि उनकी संख्या अनौपचारिक रूप से 1,000 के पार हो गई है। सूत्रों ने कहा कि राज्य में अब 159 पुरुष और 262 मादा शेर हैं, जिनमें एक स्वस्थ ‘मादा का अनुपात 1.64 है। 2015 में यह अनुपात 1.84 था।

अंत में हम बस यही कहना चाहेंगे कि जहाँ कुछ लोग पटाखों का गलत इस्तेमाल कर मासूम से जानवरों की हत्या कर रहे है वही कुछ लोग आज भी जीव जन्तुओ की सेवा कर मानवता का सही उदाहरण पेश कर रहे है, हमे गर्व है गुजरात की सरकार पर जिनकी निगरानी में रहकर शेरो की जनसंख्या बढ़ी।

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