एक छोटेसे बालक अद्वित का अद्भुत जन्म दिन।

प्रेरणा मेहरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित। 

गुडगाँव- ऐसे वक़्त में जब छोटे छोटे बच्चे इस महामारी के कारण अपने घर के बाहर नहीं निकल सकते,और उनका चंचल मन घर पर ही कुछ अनोखा करके अपना जन्म दिन मनाना चाहे तो उस मासूम से मन को कैसे खुश किया जाये, आज इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि कैसे तालाबंदी के दौरान गुडगाँव के रहने वाले एक दम्पति अनुभव टंडन और प्रियंका टंडन ने अपने बेटे अद्वित टंडन  का जन्म दिन उनके चाचा संकल्प टंडन की मदद से विशालाक्षी फाउंडेशन में गरीब बच्चों के साथ ऑनलाइन होकर मनाया।

विशालाक्षी फाउंडेशन एक गैर-सरकारी संगठन है जिसे जनवरी 2019 में स्थापित किया गया था, जिसमें श्री निलय अग्रवाल द्वारा भुखमरी और गरीबी उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित किया गया था, जो पेशे से एक ऑन्कोलॉजिस्ट है।विशालाक्षी फाउंडेशन वर्तमान में 7 शहरों में चालू है, जिसमें शामिल हैं – लखनऊ, बांदा, अमरोहा, फतेहपुर, गुड़गांव, दिल्ली और नोएडा।NCR यूनिट पूरी तरह से श्री संकल्प टंडन द्वारा प्रबंधित है, जो EXL सर्विसेज से जुड़े हैं।

जन्म दिन की कुछ झलकियाँ।

वर्तमान में, विशालाक्षी फाउंडेशन दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों की मदद  कर रहा है, क्योंकि भारत में तालाबंदी के कारण दिहाड़ी मज़दूर सबसे ज़्यादा पीड़ित हुये है और उन्हें तत्काल मदद की आवश्यकता है।संकल्प और निलय अपनी टीम के अन्य लोगों के साथ इस तरह के कठिन समय में कई ऐसे परिवारों को किराने का सामान और सब्जियां प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं.

ऐसे वक़्त में इस नेक पहल की गहराई को समझते हुये,गुडगाँव के दम्पति ने अपने बेटे के जन्म दिन के उपलक्ष्य में इस फाउंडेशन के साथ जुड़कर, अपने बेटे का जन्म दिन मनाने का फैसला किया। अपने बेटे के जन्म दिन पर उन्होंने इस फाउंडेशन के ज़रिये दिहाड़ी मज़दूरों के बच्चो द्वारा केक कटवाया और उन बच्चो को तोहफे दिए। सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुये उन्होंने अपने बेटे अद्वित को उसके जन्म दिन पर ऑनलाइन उन सभी बच्चों से मिलवाया।

एक झलक विशालाक्षी फाउंडेशन की

विशालाक्षी फाउंडेशन के NCR यूनिट के प्रबंधक संकल्प टंडन ने पॉजिटिव न्यूज़ कार्नर को बताया कि आज अद्वित के जन्मदिन पर, पूरा टंडन परिवार ने हमारे ड्रीम स्कूल के बच्चों के लिए कुछ अद्भुत करने का फैसला किया है। अपने विशेष दिन का जश्न मनाने के लिए इसे अच्छा चुनाव कोई और हो नहीं सकता, क्योंकि बेसहारा और गरीब बच्चों के साथ उनका ये जश्न मनाने का फैसला काबिले तारीफ है।

अंत में हम बस यही कहना चाहेंगे कि अगर आप इस महामारी के वक़्त में बाहर नहीं निकल सकते तो घर से ही आप किसी संस्था के साथ जुड़ कर बहुत से चेहरों पर मुस्कान ला सकते है।हमे गर्व है इस दपंति और इस फाउंडेशन की इस अनोखी पहल पर, आप भी अपने विचार हमारे साथ साझा करे और इस पहल को अपने सहयोग से आगे बढ़ाये।

3 comments

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s