बेटा हो या बेटी…….

प्रेरणा मेहरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित शाहिद की जानकारी पर आधारित।

लुधियाना:सदियों से चलता चला आ रहा संस एंड ब्रदर नाम का एक मेडिकल स्टोर का नया नाम कारण तब हुआ जब लुधियाना के ठेकेदार मनोज कुमार गुप्ता की बेटी आकांशा ने जन्म लिया तब उन्होंने अपने मेडिकल स्टोर का नाम “गुप्ता एंड डॉटर” में बदल दिया।

54 वर्षीय मनोज कुमार गुप्ता,एक निर्माण कंपनी के भी मालिक हैं, जिसका नाम – गुप्ता एंड संस है जो उनके पुरुष वंश के लिए समर्पित है। लेकिन जब उन्होंने तीन साल पहले लुधियाना के सिविल लाइंस में अपना दूसरा उद्यम शुरू किया – तब उसके प्रचार के लिए उन्होंने बोर्ड पर गुरुमुखी में लिखा “गुरु नानक मोदी-खाना”एक धर्मार्थ फार्मेसी- जिसकी प्रोप्राइटरशिप उनकी बेटी के नाम थी और न केवल मन से बल्कि नाम से भी उन्होंने उसे अपनी बेटी को समर्पित किया।

पाखोवाल रोड के निवासी गुप्ता ने कहा, कि “यह लैंगिक समानता का प्रतीक है। जब मैंने अपने परिवार को इसके बारे में बताया, तो पहले वो थोड़े इसके नाम की वजह से भ्रमित हुये लेकिन फिर बाद में सब खुश थे और मैंनेपहले से ही इसके लिए अपना मन बना लिया था।”

कानून की छात्रा आकांक्षा ने कहा कि उन्हें अपने माता-पिता पर लैंगिक समानता में एक मिसाल कायम करने पर गर्व है। उनके बड़े भाई रोशन करण, जिन्होंने एमबीए किया है ने कहा कि उन्हें हमेशा अपनी बहन के साथ एक समान व्यवहार करना सिखाया गया था। उन्होंने कहा कि “भारत में कम से कम, हमने अपने पिता की पहल की तरह कुछ भी नहीं देखा या पढ़ा है।

जबकि गुप्ता भारत सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान से प्रेरित थे, वह अपने माता-पिता, उनके परिवार को सही मार्ग दर्शन और उसकी पत्नी को सही मान देने के लिए श्रेय देते हैं। उन्होंने बताया कि “मैं भगवान और मेरे माता-पिता का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे ये मूल्य दिए, जिसमें महिलाओं का सम्मान भी शामिल है। मैं अपनी पत्नी रमा का भी शुक्रगुजार हूं, जो घर में बॉस हैं।

गुप्ता एंड डॉटर, जिसका सिख कल्याण परिषद के साथ गठजोड़ है, वह गरीब मरीजों को मुफ्त में दवाइयाँ भी उपलब्ध कराता है।

अंत में हम बस यही कहना चाहेंगे जैसे मनोज कुमार गुप्ता जी ने अपने बेटे और बेटी में सामंता का एक अनोखा उदाहरण रखा वैसे ही हम उम्मीद करते है कि भारत में सभी माता पिता अपने बेटे और बेटी में फर्क न करे।उनका यह कार्य बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ अभियान से भी कही बढ़कर है।

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