दीप मुरादाबाद का…..

प्रेरणा मेहरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित।

मुरादाबाद- 2013 से आज तक नागरिक सुरक्षा में काम कर करने वाले 25 वर्षीय दीप चावला सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में वेतन के बिना वर्तमान में सिविल डिफेन्स के एक सेक्टर वार्डन के रूप में मुरादाबाद में इस महामारी से निपटने के लिए काम कर रहे है।

पिछले 8 वर्षों में  21 बार अपना रक्तदान करने वाले दीप चावला ने कोविद -19 के खिलाफ लड़ाई में अपने शहर मुरादाबाद को इसके कहर से बचाने में एक अहम भूमिका निभाई है।

आइये अब एक नज़र डालते है दीप के उन निस्वार्थ कार्यो के ऊपर जिसने ना जाने कितनो को संक्रमित होने से बचाया।

  • दीप द्वारा जरूरतमंदों को भोजन, मास्क और सैनिटाइज़र वितरित किए गए।
  • अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर कई घरों और सड़कों को साफ किया।
  • सड़कों पर चलने वाले सार्वजनिक वाहनों को रोक कर सैनिटाइज़ किया।
  • लॉकडाउन को तोड़ने से लोगों को रोकने के लिए चौकियों पर पुलिस के साथ काम किया और उन्हें समझाया कि इस महामारी के दौरान घर पर रहना क्यों आवश्यक है।
  • सड़को पर स्टे होम का चित्र बनाकर, लोगो को जागरूक किया।
  • जागरूकता फैलाने के लिए बाजारों और कॉलोनियों में घोषणाएँ की।
  • सामाजिक दूरियां सुनिश्चित करने के लिए बैंकों और बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सेवा की।

दीप को समाज सेवा और रक्तदान के संबंध में बहुत सारे प्रमाण पत्र और पुरस्कार भी मिले और वर्तमान में भी विभिन्न संगठनों से भी लगभग 14 प्रमाण पत्र प्राप्त हुये.

दीप ने पॉजिटिव न्यूज़ कार्नर को बताया कि यह कार्य करके भले ही उन्हें कुछ वेतन नहीं मिलता मगर मन की शांति अवश्य मिलती है। दीप ने कहा निस्वार्थ सेवा करके मुझे जो आशीर्वाद मिलता है, वही मुझे इसमें और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

पिता के देहांत के बाद दीप ने यह कार्य शुरू किया, दीप ने कहा-मैंने अभी कुछ बहुत ज़्यादा किया नहीं है लेकिन मेरे सपनो की कोई सीमा नहीं है मुझे अभी बहुत कुछ करना बाकि है, और मुझे किसी ने भी ऐसा करने के लिए नहीं कहा है मैं स्वयं की इच्छा से यह सब करता हूँ क्योंकि मुझे इसमें ही बहुत ख़ुशी मिलती है मैं खुद को यह सब करके बहुत खुश किस्मत मानता हूँ। यह मेरा पैशन है और इसे मैं जीना चाहता हूँ। अपने शहर अपने देश के लिए कुछ बड़ा और अनोखा करना चाहता हूँ।

 

इसके अलावा दीप पैंथर्स हॉक नमक NGO से भी जुड़े हुये है जो हमारे समाज के अवांछित तत्वों से महिला सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्था है।  

अंत में हम बस यही कहना चाहेंगे की हमे गर्व है हमारे देश के ऐसे वीर पुत्र (दीप चावला) पर जिन्होंने अपने पिता को खोने के बाद भी अपना हौसला नहीं खोया बल्कि बहुतो के जीवन में अपने कार्यो के माध्यम से खुशियों का दीप जलाया।  

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