कोविद लड़ाई: 1.2 करोड़ योद्धा 130 करोड़ की मदद करने के लिए लड़ रहे हैं

प्रेरणा महरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित, मीता कपूर की जानकारी पर आधारित। 

बेंगलुरु: इस महामारी के समय, भारत की कोविद-19 के खिलाफ लड़ाई में 18 विभिन्न श्रेणियों के 1.2 करोड़ से अधिक लोग ‘कोविद वारियर्स’ के रूप में लड़ रहे हैं, लेकिन कुछ राज्य अभी भी कुछ समय से इस असंतुलन के कारण दूसरों की तुलना में कम प्रशिक्षित / योग्य लोगो पर अधिक निर्भर हैं।

पिछले सप्ताह के अंत में, केंद्र ने “कोविद योद्धाओं” का विवरण सार्वजनिक किया, जिसके अनुसार 1.2 करोड़ लोग – डॉक्टर (दंत चिकित्सक और चिकित्सक), नर्स, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला स्वयंसेवक, प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एनएसएस और एनसीसी सदस्य सबके बीच – महामारी से लड़ने के लिए काम कर रहे हैं। इन आंकड़ों में सफाई कर्मी शामिल नहीं हैं।

हालांकि,टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI) द्वारा  विश्लेषण से पता चलता है कि 1.2 करोड़ योद्धाओं में से केवल 42.7 लाख या 34% डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब स्वयंसेवक और अन्य प्रशिक्षित स्वास्थ्य सेवा पेशेवर हैं जो किसी भी प्रकार के रोगियों की देख भाल करने के लिए सीधे जिम्मेदार हैं।कोविद लड़ाई में 1.2 करोड़ योद्धा 130 करोड़ की मदद करने के लिए लड़ रहे हैं.

इन श्रेणियों में से प्रत्येक के एक ब्रेक-अप से पता चलता है कि 11.6 लाख या 9% एलोपैथी डॉक्टर हैं, 17.5 लाख (14%) नर्स हैं जबकि 9% फार्मासिस्ट हैं और लगभग 2 लाख लोग प्रशिक्षित हेल्थकेयर पेशेवर हैं जैसे सामान्य ड्यूटी असिस्टेंट, आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन, एक्स रे और रेडियोलॉजी तकनीशियन आदि.

प्रमुख योद्धाओं – डॉक्टरों, नर्सों, फार्मासिस्टों, प्रयोगशाला स्वयंसेवकों की राज्य-वार उपलब्धता (विश्लेषण) दर्शाता है कि उनमें से अधिकांश योद्धा सिर्फ पांच राज्यों के लिए ही है, जबकि शेष अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इनकी उपलब्धता का प्रतिशत बहुत कम है, जो की एक चिंता का विषय है। 

माइक्रोबायोलॉजी या बायोकेमिस्ट्री में स्नातकोत्तर डिग्री वाले पेशेवर की संख्या तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और गुजरात में 11 लाख डॉक्टरों का 50%, सभी नर्सों और फार्मासिस्टों का 42%, और प्रयोगशाला स्वयंसेवकों का 55% हिस्सा है।

यह आंकड़ा भारत में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षेत्रीय असमानता की एक व्यापक समस्या को दर्शाता है। भारत में पहले से ही शहरी-ग्रामीण और विभिन्न पहलुओं में उत्तर-दक्षिण में काफी अंतर है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य इक्विटी शोधकर्ता,डॉ प्रशांत एन श्रीनिवास ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया  (TOI )को बताया कि हमे कोविद -19 के लिए पर्याप्त तैयारी सुनिश्चित करने के लिए दूरस्थ और कम सेवा वाले क्षेत्रों (उदाहरण के लिए आकांक्षात्मक जिलों) की पहचान करने के लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता होगी।

हमारे पास लगभग 82 लाख या 66% आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मनोसामाजिक देखभाल पेशेवर, एनएसएस, एनसीसी के सदस्य, नेहरू युवा केंद्र संगठन, पूर्व सैनिक और आयुष चिकित्सक आदि है जो वायरस के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है लेकिन इनकी भूमिकाएँ माध्यमिक और तृतीयक क्षेत्रों तक ही सीमित होती हैं।

आईपीएच के सहायक निदेशक डॉ। उपेंद्र भोजानी ने कहा कि हर कोई अस्पताल की सेवाओं पर केंद्रित कर रहा है.जबकि डॉक्टरों और अन्य मुख्य स्वास्थ्य पेशेवरों के वितरण में असंतुलन देश में लंबे समय से जारी है, इसे सुधारने का तरीका विकेंद्रीकृत करना है, केरल इसका एक अच्छा उदाहरण है। “

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन 82 लाख में से, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, जो डोर-टू-डोर सर्वेक्षण और प्राथमिक देखभाल कर्तव्यों की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिनका आंकड़ा 35 लाख हैं, “विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। कर्नाटक में, उदाहरण के लिए, वे सर्वेक्षण करने और महत्वपूर्ण सामुदायिक डेटा एकत्र करने में अधिकारियों की मदद करने के लिए घरों में जा रहे हैं।

उपरोक्त विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षित और विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सेज, फार्मेसिस्ट आदि की जबरदस्त कमी है बावजूद इसके यह सभी कोविद-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपना शत प्रतिशत योगदान दे रहे है। दुख केवल इस बात का है कि अपनी जान को जोखिम में डालने वाले इन योद्धाओ को कुछ नासमझ लोगो द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है, जिन्हे यह समझने की आवश्यकता है कि इन योद्धाओ की सेवा की हम सबको बहुत आवश्यकता है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s