COVID-19 से लड़ाई में महिंद्रा समूह द्वारा साथ देने का प्रस्ताव।

प्रेरणा महरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित  

नई दिल्ली: महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने रविवार को अगले कुछ हफ्तों के लिए लॉकडाउन का प्रस्ताव रखा था, जिसमें उन रिपोर्टों पर चिंता जताई गई कि भारत में कोरोनोवायरस ट्रांसमिशन के स्टेज -3 तक पहुंचने की संभावना है।

उन्होंने चिकित्सा देखभाल सुविधाओं के रूप में उससे जुड़ी सुविधाओं की पेशकश की जिसमे महिंद्रा समूह इस बात पर काम करेगा कि उसकी विनिर्माण सुविधाएं वेंटिलेटर कैसे बना सकती हैं।

महिंद्रा ने एक ट्वीट में कहा, “महामारी विज्ञानियों की विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, बहुत अधिक संभावना है कि भारत पहले से ही संचरण के चरण -3 में हो। मामले लाखों की संख्या के साथ बढ़ सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अगले कुछ हफ्तों में लॉकडाउन की वजह से चिकित्सा देखभाल पर कम दबाव पड़ेगा। हालांकि, हमें अस्थायी अस्पतालों को बनाने की जरूरत है और हमारे पास वेंटिलेटर की भी कमी है।”

कृषि उपकरण से लेकर एयरोस्पेस तक के क्षेत्रों में मौजूद, महिंद्रा समूह की योजनाओं को साझा करते हुए उन्होंने कहा, “इस अभूतपूर्व खतरे की प्रतिक्रिया में मदद करने के लिए, हम महिंद्रा समूह में तुरंत काम शुरू करेंगे। हम देखेंगे कैसे हमारी विनिर्माण सुविधाएं, वेंटिलेटर बना सकती हैं।”

महिंद्रा ने आगे कहा, “महिंद्रा हॉलीडेज में, हम अपने रिसॉर्ट्स को अस्थायी देखभाल सुविधाओं के रूप में पेश करने के लिए तैयार हैं।”

समूह की परियोजना टीम अस्थायी देखभाल सुविधाओं के निर्माण में सरकार और सेना की सहायता के लिए तैयार है, उन्होंने कहा कि महिंद्रा फाउंडेशन हमारे मूल्य श्रृंखला (छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार) में सबसे अधिक पीड़ित की सहायता के लिए एक कोष बनाएगा।

महिंद्रा ने यह भी कहा कि वह फंड में अपना 100 फीसदी वेतन का योगदान देगा और अगले कुछ महीनों में “सहयोगियों को स्वेच्छा से योगदान करने” के लिए प्रोत्साहित करेगा।

उन्होंने कहा-“मैं अपने सभी विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों से आग्रह करता हूं कि वे उन लोगों के लिए भी अलग योगदान दें, जो अपने पारिस्थितिक तंत्र में सबसे कठिन दौर से गुज़र रहे है। 

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