पूर्ण लॉकडाउन में भूख से लड़ने के लिए ज़ोमेटो और फीडिंग इंडिया ने हाथ मिलाया।

प्रेरणा महरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित .

जैसा कि हम जानते है की हमारे देश में पूर्ण लॉकडाउन हो चूका है,इसके रहते कई लोगो ने घर पर अपने लिए खाद्य सामग्री का स्टॉक कर लिया हैं, और अन्य जो बाहर जाकर भी भोजन खरीदने में असमर्थ है।लेकिन, कम से कम कुछ लोगों के पास इस सामाजिक गड़बड़ी से जूझने की शमता है लेकिन बहुत से ऐसे भी है जो इस गंभीर परिस्थिति का सामना नहीं कर पा रहे है। हम उन लोगों के बारे में बात कर रहे हैं, जो वास्तव में दैनिक मजदूर, निर्माण श्रमिक, मजदूर, चित्रकार, ऐसे लोग हैं जो दैनिक वेतन पर जीवित रहने के लिए काम करते हैं।

हाल ही में COVID-19 लॉकडाउन के साथ दैनिक मजदूर समुदाय ने अपनी आय का एकमात्र स्रोत भी ख़त्म होते हुये देखा है, इसलिए वे अपने परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। फीडिंग इंडिया के सहयोग से ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवा, ज़ोमेटो, लॉकडाउन की इस अवधि के दौरान दैनिक मजदूर को भी भोजन मिलसके, ऐसा सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है।

यदि आप वास्तव में इस समुदाय की परेशानी समझते है और इन दैनिक मजदूरो के लिए भी राशि का योगदान करना चाहते हैं, तो आपका ये कृत्य एक जीवन बचाने में मदद कर सकता है, एक भूखे परिवार और उनके बच्चों को खिलाने में मदद कर सकता है। आप एक परिवार को 500 रुपये का भुगतान करने का समर्थन कर सकते हैं और प्रत्येक भोजन किट (5 व्यक्तियों का एक परिवार) में गेहूं का आटा, चावल और दो प्रकार की दालों का एक संयोजन होता है जिसका उपयोग एक सप्ताह के लिए, एक परिवार के लिए भोजन पकाने के लिए किया जा सकता है।

यह शत प्रतिशत लाभ अभियान के लिए बिलकुल भी नहीं है, और अभियान में सभी योगदानकर्ताओं को भेजी गई वित्तीय पारदर्शिता रिपोर्ट में आय के उपयोग का खुलासा किया जायेगा।

आज आप जो घर से काम कर रहे है वे इन दैनिक मजदूरो के बारे में भी सोचें क्योंकि उनको घर बैठे कोई काम नहीं देता। इसे अपने दोस्तों के बीच साझा करें और दान करें और कम से कम एक परिवार का समर्थन करें जो शायद उनके जीवन को बचा सकता है।

दान करने के लिए यहां क्लिक करें।
https://www.feedingindia.org/donate

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