“संयोग”-यश यादव द्वारा लिखित पुस्तक

प्रेरणा महरोत्रा गुप्ता द्वारा लिखित

९ फ़रवरी २०२० रविवार की शाम, इतिहास और यादों के पन्नों में दर्ज हो गई। मौका था यश यादव द्वारा लिखित पुस्तक “संयोग” के विमोचन समारोह का। वैसे तो यह पुस्तक स्टोरीमिरर और अमेज़ॉन पर २२ नवम्बर २०१९ से ही कामयाबी के झंडे गाड़ रही है, पर किसी कारण से विमोचन नहीं हो पाया था।

सपने देखना और सपनों का पूरा हो जाना, दोनों अलग-अलग बात है। इस अवसर पर लेखक यश यादव ने कहा, “सबसे पहले मैं आप सब के सामने शुक्रिया अदा करना चाहूँगा टीम स्टोरीमिरर का, जिसकी वज़ह से “संयोग” का प्रकाशन हो पाया। खासकर स्टोरीमिरर के को-फाउंडर एवं सीईओ मिस्टर बिभू दत्ता राऊत जी और को-फाउंडर एवं सीओओ मिस्टर हितेश जैन जी का, आप दोनों ने मेरी जिंदगी में चार चांद लगा दिए।

एक शख्स हैं जिनका मैं शुक्रिया अदा करना नहीं भूलूँगा, भाई आर्टिस्ट अनील जी। आपने संयोग का कवर पेज बना कर सबका दिल जीत लिया।

दोस्तों, अक्सर हम दुनियाँ को कोसते रहते हैं कि दुनियाँ स्वार्थी है, दुनियाँ किसी की नहीं होती है, कोई किसी का नहीं है आदि।लेकिन मैं इस बात से सहमत नहीं हूँ। क्योंकि यह दुनियाँ ही है जो दो अलग-अलग रह रहे परिंदों को मिलने को मजबुर कर देती है। साजिशों का सिलसिला, माँ के आधे पेट का खाना और मेरी हाईट कम होने पर लोगों के तानों का सफ़र का कारवाँ कुछ यूँ चला कि रोजी-रोटी और मुहब्बत की गलियों में भी अपना नाम रोशन हुआ।

मुम्बई की धरती पर, दो नन्हे परिंदे, प्यार के पंख फैलाकर अपना आशियाना बनाने में रम गए, पर दुनियाँ का खेल बड़ा निराला होता है साहब। प्यार में जंग ना हो, ऐसा हो नहीं सकता, कहानी परत दर परत एक नई मोड़ लेती है और “संयोग” से मिले दो पंछी अपनी एक अलग ही कहानी दुनियाँ को दे जाते हैं।

अगर पढ़ना चाहते हैं कुछ दिलचस्प, दिलकश, रहस्य, रोमांच और रोमांस से भरपूर तो “संयोग” को जरूर पढ़ें क्योंकि, इस किताब को पढ़ने के बाद शायद आप कभी भूल नहीं पाएँगें, इसलिए पढ़िएगा जरूर।
शुक्रिया।”

जानकारी के लिए बताते चलें कि यश यादव उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के छोटे से गांव कुसौड़ा से हैं और “संयोग” उनके जीवन की सच्ची प्रेम कथा पर आधारित कहानी है।

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