निर्भया केस: 22 जनवरी को होने वाली फांसी के मामले में कोर्ट ने जारी किया वारंट

प्रेरणा मेहरोत्रा द्वारा लिखित विभिन्न समाचार पत्रों के आधार पर दी गयी जानकारी पर आधारित।

इतने सालो की संघर्षो के बाद ही सही, आज पूरे देश में जैसे निर्भया केस के इंसाफ का शंख बज रहा है ।

इतिहास के उन पन्नो को खोले जिसमे 23 वर्षीय लड़की का 16 दिसंबर 2012 को चलती बस में छह लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था जिसके कारण एक निर्दोष को अपनी जान गंवानी पड़ी,जिसमे मुख्य आरोपी राम सिंह ने मुकदमे के दौरान तिहाड़ जेल में ही आत्महत्या कर ली थी। उस घटना के बाद सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया इनमे से एक आरोपी(मोहम्मद अफरोज) नाबालिग था इसलिए उसे उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला में तीन साल के लिए सुधार गृह भेज दिया गया क्योंकि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम थी।ऐसी खबरें थीं कि सभी आरोपियों के बीच किशोर ‘सबसे क्रूर’ में से एक था, क्योंकि उसने लोहे की रॉड से उस पर हमला किया था।बचे चार दोषियों को आज मृत्यु दंड सुनाया गया वो है मुकेश, विनय शर्मा, अक्षय सिंह और पवन गुप्ता।

सूत्रों के आधार पर आज 7/1 /2020 को दिल्ली की एक अदालत ने 2012 निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में चार दोषियों के खिलाफ मौत का वारंट जारी किया और बताया दोषियों को फांसी 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ की जेल में दी जाएगी ।यह आदेश न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने सुनाया, जिन्होंने आरोपियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कहा कि अभी किसी भी अदालत या राष्ट्रपति के समक्ष कोई भी आवेदन रुका हुआ नहीं है और सभी आरोपियों की समीक्षा याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए, निर्दोषी निर्भया की माँ श्रीमती आशा देवी ने कहा “आज मेरी बेटी को इंसाफ मिला और इन 4 दोषियों की सजा देश की और महिलाओं को भी जो इसी प्रकार की परिस्थिति से गुज़र रही है या गुज़री है उन्हें भी सशक्त बनाएगी और उन्होंने ये भी कहा की इस फैसले से न्यायिक प्रणाली में जनता का विश्वास और भी मजबूत होगा।”

अदालत के इस निर्णय से देश और समाज में यह भी सन्देश जायेगा कि इस प्रकार के अपराधियों द्वारा किये गये कूकृत्य की उन्हें सज़ा अवश्य मिलेगी भले ही इसमें कुछ समय ही क्यों ना लग जाए मगर हर निर्दोष को इंसाफ ज़रूर मिलेगा।

23 thoughts on “निर्भया केस: 22 जनवरी को होने वाली फांसी के मामले में कोर्ट ने जारी किया वारंट

  1. Justice mila toh shi lkin Justice k kuch fyada nhi h ek toh itney tym bd ordr
    Or mila toh itni asan maut dedi
    N agr itney lambe tym m decision aayega toh yeh bhi jaruri nhi ki humesa hi sja mile
    Ya jb tk dhosi zindha bhi rhe
    Bhot Acha bat h ki un logo ko saza mili
    Lkin yeh sb agr Phle hi hota toh or bhi zyada acha
    N mere according is country m logo ko kisi chz k dar na bs saza k dar h ki agr yeh kroge toh yeh hoga agr iski sza sedha ancounter ho toh tbhi yeh sb bnd ho skta h tbhi dar beth skta h logo k mun m
    Otherwise uney pta h ki paise se sb km hota h koi kuch na bigar skta
    N yeh justice sbke liye hona chaiye
    chaye woh rich or ya poor
    Chalo der aaye magar durust aaye

  2. Finally the Justice come but the first comes in mind… Why so late… Inspite of having evidence, it takes so long time(8 years).. I m NT against the process but wish the same result much more earlier..

  3. Yes, justice will be there even if it is late. But we will get the justice.That minor should also got tough punishment.

  4. Very well written finally long due justice for #Nirbhaya will be delivered on 22 January. All four convicts in the Nirbhaya Case will be hanged, Salute to each and everyone who fought for it.

  5. मैं कोर्ट के फैसले से बहुत खुश हूं भले ही देर सही निर्भया को इंसाफ तो मिला
    परन्तु इस तरह के केस में कोर्ट को तुरंत अपना फैसला सुनाना चाहिऐ
    ये फैसला इनके तथा इन जैसे उन तमाम
    अपराधीयो के लिए एक बहुत अच्छा सब्ब है
    जो इन जैसे कुकृत्य को अजाम‌ देते है

  6. This is very good decision taken by the govt nd i think this is the correct decision for all these cheap guys nd govt also have to look forward for other cases so that each nd every girl of INDIA can live freely….

  7. Relieved to read this news. The culprits of nirbhiya will be hanged on 22nd Jan. Justice is finally being served.

  8. Very nice decision taken by the govt… But it comes too late… finally nirbhaya soul rest in peace…

  9. Finally…but courts must announce their desicions right away.. pending justice may give encouragement to those who think they can do a henious crime like this and get away with it.

  10. At present, Indian judicial system needs more numbers of fast track court to do on time justice to cases which are related to women’s welfare.. whether its a rape,dowry, harrasment or any other case…#WomenEmpowerment#

  11. This is a historical judgement of Patiala house court but it should have been better if this process could complete in a year.
    Anyway welcome justice after 7+ years

  12. At present,Indian judicial system needs more numbers of fast track courts to do on time justice to cases which are related to women’s welfare whether its a rape, dowry, harrasment or any other case…#WomenEmpowerment#
    #Satyamev Jayate#

  13. Finally the long awaited decision. Very well written article 👍🏻
    Looking forward to reading more here!

  14. Well written piece of journalism. Clean, as it was kind of reporting. I pray that such a heinous crime may never, ever happens.

  15. I wish this happened earlier. The judiciary system takes too much time to decide whether the accused is guilty or not. We should have fast courts for these kinds of incidents.

Leave a Reply

%d bloggers like this: