नफरत फैलाते पत्रकारों पर कार्यवाही कब ?

आनंद प्रकाश द्वारा लिखित

कई बार मोदी सरकर पर बहुत  गुस्सा आता है और कई  बार उसकी बेबसी पर तरस भी। उसके दूतावास और हाई कमीशन उस  गंदगी को क्यों नहीं समेटते जो चांदी के सिक्कों पर बिके कुछ भारतीय पत्रकार  विदेशी पत्र-पत्रिकाओं में  भारत के प्रति नफरत और झूठ  को निरंतर परोसते रहते हैं ।

मैं दुबई में हूं और  उदाहरण भी यहीं से :

यहां के शासक His Highness Shaikh Mohammad Bin Rashid Al Maktoum की न्याय प्रियता और भारत के प्रति उनके लगाव की अवहेलना करते हुए यहाँ के प्रतिष्ठित अखबार GULFNEWS में एक स्थानीय पत्रकार रवि मेंनन का अयोध्या पर  लेख छपा है। उसमें भारत के प्रति नफरत का एक अंश…

‘India has close to 200 million Muslims, a large  percentage of whom feel insecure and increasingly uncertain of their future since the BJP came to power under Modi in 2014’

कमाल है ! रहते हैं दुबई में, जात से  हैं हिंदू और छलांग लगाकर भारत के मुसलमानों के दिल का पता लगा लिया जबकि आंखों की रोशनी इतनी  कम कि ना सबका साथ दिखाई दिया, ना सबका विकास और ना ही  सबका विश्वास!

एक अंश और …

“In victory, magnanimity,in peace, goodwill”churchill had said,but will India’s Hindu live up to this lofty sentiment? doubtful, if….

बस इससे आगे और कोट  करूंगा तो गुस्सा बढ़ता ही चला जाएगा।    

प्रश्न झकझोरता है आखिर ये कब तक ? 
गृह मंत्रालय  देश के भीतर ऐसे भारत विरोधी पत्रकारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही क्यों नहीं करता और  विदेशों में हमारे दूतावास, हाई कमीशन ऐसे दुष्प्रचार को  रोकने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाते ?

मेरा अपनी  और आप सब की ओर से मोदी  सरकार से अनुरोध है कि वह इस बीमारी को जितनी जल्दी हो सके रोके, वरना एक दिन ये चूहे  देश की  प्रतिष्ठा को पूरी तरह कुतरने में कोई  कसर नहीं  छोड़ेंगे ।

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