Monthly Archives: March 2019

कभी चले थे घर से — लेखिका प्रेरणा मेहरोत्रा ​​गुप्ता

कभी चले थे घर से, आँखों में लेके सपने।
पीछे छूटे थे, ना जाने मेरे कितने अपने।
कई बार आँखों में भर, यादो के आँसू, हमने खुदका हाथ थामा था।
हमारे इस बदलते रूप का कारण, बन बैठा ये ज़माना था।

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