मैं खुश हूँ — लेखिका प्रेरणा मेहरोत्रा ​​गुप्ता

मैं खुश हूँ क्योंकि,
आज का ये दिन तो मैं देख पाई।
सबको नहीं तो क्या, कुछ को तो खुश मैं रख पाई।